गलत भक्ति एक खतरा

गलत साधना

आज व्यक्ति आस्था में इतना पागल हो गया कि वो बिना प्रमाण के जिसने जैसी भक्ति बताई वैसे कर लेता है, वेदों व पुराणों में क्या लिखा है हमे कैसी भक्ति करनी है , इसके बारे में बिना पढ़े ही भक्ति मार्ग में घुस जाते है।
हमे शास्त्रों के आधार पर ही भक्ति करनी चाहिये, क्योंकि शास्त्रों में ही लिखा है कि वो परमात्मा कौन है और उसका क्या नाम है।
लेकिन लोग भगवान को मंदिर, मस्जिद आदि में ढूढ़ते है, लेकिन शास्त्रो में इनका कोई प्रमाण नही है कि परमात्मा मंदिर मस्जिद आदि में मिलेंगे।

और एक  तरफ हम बात करे संत रामपाल जी महाराज  की तो उनके द्वारा बताया गया ज्ञान और भक्ति साधना और समाधान शास्त्र अनुकूल है।
आज उनके करोड़ो अनुयायी हो चुके और उनको हर वो लाभ मिल रहा है जिसके लिए वो भक्ति कर रहे है।

और संत रामपाल जी महाराज अपने सत्संगों में बताते है कि जो साधना मर्यादा(नियमों) में रहकर भक्ति करेगा उसको सर्व सुख और पूर्ण मोक्ष की प्राप्ति हो जिससे साधक का जन्म मरण का रोग हमेशा -हमेशा के लिए समाप्त हो जायेगी और वो सतलोक में चला जायेगा।

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