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Showing posts from May, 2020

रावण के नाश का कारण भी कबीर ही थे।

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रावण के नाश का कारण भी कबीर ही थे। गरीब, मैं मैं करै सो मारिये, तू तुं करै सो छूट वे। इस मार में होशियार, गधा बने कै ऊँट वे।। हूं हूं करै सो गधा होई, मैं मैं करै बोक वे।  बंदा बिसारे बंदगी, तो श्वान है सब लोक वे।।       रावण ने भक्ति के साथ-साथ अभिमान भी किया जिसके परिणाम स्वरूप जिस लंका को वह चाहता था उसको भी नहीं रख सका तथा सपरिवार नष्ट हुआ। जबकि रावण का ही सोदर (सगा) भाई विभिषण जो पूर्ण परमात्मा सतपुरुष की भक्ति सतगुरु मुनिन्द्र साहिब से नाम उपदेश ले कर करता था और अपने गुरुदेव मुनिन्द्र (यही कबीर साहेब त्रोतायुग में मुनिन्द्र नाम से आए थे) जी के आदेशानुसार आधीनी भाव से (अहंकार रहित) परमेश्वर की साधना किया करता था। उसको भगवान रामचन्द्र जी ने लंका का राजा भी बना दिया। यह आधीनी भाव पूर्ण परमात्मा (सतपुरुष) की विधिवत (मतानुसार) साधना का परिणाम हुआ। इसलिए इस श्लोक में यही प्रमाणित करना चाहा है कि जो लोग अभिमानी होते हैं उनका ईश्वर साथ नहीं देता और जो आधीन (विनम्र) होते हैं तथा शास्त्रानुकूल साधना करते हैं उनको परमात्मा यहाँ की सर्व सुविधाओं के साथ-साथ पू...

परमात्मा किस किस को सशरीर मिले।

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परमात्मा किस किस को सशरीर मिले। कबीर परमात्मा का प्रकट दिवस 5 जून 2020 को मनाया जाता है , उनकी जयन्ती नही मनाई,जयन्ती उनकी मनायी जाती है जिनका जन्म होता है लेकिन कबीर परमात्मा सशरीर नीरू ओर नीमा को मिले थे। उनका जन्म नही हुआ था। कबीर परमात्मा हर युग मे आते है। सतगुरु पुरुष कबीर हैं, चारों युग प्रवान। झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान।। परमेश्वर कबीर साहिब जी चारों युगों में नामांतर करके शिशु रूप में प्रकट होते हैं और एक-एक शिष्य बनाते हैं जिससे कबीर पंथ का प्रचार होता है। सतयुग - सहते जी त्रेता - बंके जी द्वापर - चतुर्भुज जी कलियुग - धर्मदास जी परमेश्वर का शरीर नाड़ियों के योग से बना पांच तत्व का नहीं है। एक नूर तत्व से बना है। पूर्ण परमात्मा जब चाहे यहाँ प्रकट हो जाते हैं वे कभी मां से जन्म नहीं लेते क्योंकि वे सर्व के उत्पत्ति करता हैं। कबीर परमात्मा हर युग मे आते है, वो अभी भी आये हुए है लेकिन उनको पहले भी पहचान नही गया और अभी भी उनको नही पहचान गया, आज भी वो जेल में बंद है उनके ऊपर गलत केस लगाकर उनको जेल में बंद कर रखे है। तभी तो देश मे महामारी जैसे बीमार...

प्रकृति का प्रकोप (Covid-19)

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प्रकृति का प्रकोप आज देश ने महामारी का शुरआत ही गया है जिसे आप धरती का अंत भी कह सकते है। जिसका मत्त्वपूर्ण कारण मनुष्य ही है, आज मनुष्य इतना नास्तिक हो गया कि वह अपने आप को भगवान मानता है, आज विज्ञान को ही सब कुछ मानते है उनके आविष्कार के कारण ही देश Covid- 19 जैसी खतरनाक बीमारी से जूझ रहा है। जिसका कोई इलाज नही मिल पा रहा है। किसानों के खेत मे फसल पड़ी हुई है, उनकी फसल का उनको उचित दाम नही मिल पा रहा है, अंधी तूफान आने से उनकी फसल खेतो में बर्बाद हो रही। ऐसी भयानक बीमारियों और, प्राकृतिक आपदा को रोकने के लिए हमे संत रामपाल जी महाराज जी से ना। दीक्षा लेनी चाहिए क्योंकि वो कहते है कि नाम दीक्षा लेने के बाद उस मनुष्य पर किसी प्रकार की आकस्मिक आपदा नही आती और वो हमेशा खुश रहता है। उनसे नाम लेने के बाद उनके नियम के अनुसार भक्ति करोगे तो आप को पूर्ण लाभ मिलेगा। Like Share Comments

पर्यावरण की हानि किस कारण ?

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पर्यावरण की हानि किस कारण ? विज्ञान के कारण हुए प्रदूषणसे विश्व पर्यावरण धोखे में । आज विज्ञान मनुष्य के लिए लाभ दायक है तो हानिकारक भी है, अगर प्रकृति पर मानव अत्याचार करेगा तो प्रकृति भी उसका बदला लेगी ।  उर्जा का अभाव अनावृष्टि अकाल, प्राकृतिक आपदा ,  वांशिक संघर्ष, नैतिक अध पतन, भीषण रोगों का प्रादुर्भाव तथा अंत में महायुद्ध । वर्षा कैसे होगी ? मेघ अंतरिक्ष में जमा होकर बरसतें हैं वह केवल वृक्षों के लिए । डॉलर्स पर प्रेम करने वाले निकृष्ट मनुष्य के लिए कैसे और क्यों मेघ बरसेंगे ?.. मनुष्य के अति स्वार्थ के कारण भगवान ने सुरक्षा दी हुई पृथ्वी को भी धोखा पहुंचना । मनुष्य के बढते पापों के कारण भी प्रदूषण की समस्या। यह सब आज आधुनिकता के प्रभाव से हो रहा है । आज प्रत्येक मनुष्य में विषय वासनाओं के अत्याधिक प्रभाव के कारण तथा सत्य के ज्ञान का अभाव होने से मानव जीवन में अनावश्यक विकृतियां जन्म ले रही हैं, उन्हें ही पाप कहते है। आज यह पाप इतना बढ गया है, कि इस विकृति के कारण स्वयं मानव ने अपना शरीर दूषित कर लिया है । बाहर के वातावरण में मनुष्...

गलत भक्ति एक खतरा

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गलत साधना आज व्यक्ति आस्था में इतना पागल हो गया कि वो बिना प्रमाण के जिसने जैसी भक्ति बताई वैसे कर लेता है, वेदों व पुराणों में क्या लिखा है हमे कैसी भक्ति करनी है , इसके बारे में बिना पढ़े ही भक्ति मार्ग में घुस जाते है। हमे शास्त्रों के आधार पर ही भक्ति करनी चाहिये, क्योंकि शास्त्रों में ही लिखा है कि वो परमात्मा कौन है और उसका क्या नाम है। लेकिन लोग भगवान को मंदिर, मस्जिद आदि में ढूढ़ते है, लेकिन शास्त्रो में इनका कोई प्रमाण नही है कि परमात्मा मंदिर मस्जिद आदि में मिलेंगे। और एक  तरफ हम बात करे संत रामपाल जी महाराज  की तो उनके द्वारा बताया गया ज्ञान और भक्ति साधना और समाधान शास्त्र अनुकूल है। आज उनके करोड़ो अनुयायी हो चुके और उनको हर वो लाभ मिल रहा है जिसके लिए वो भक्ति कर रहे है। और संत रामपाल जी महाराज अपने सत्संगों में बताते है कि जो साधना मर्यादा(नियमों) में रहकर भक्ति करेगा उसको सर्व सुख और पूर्ण मोक्ष की प्राप्ति हो जिससे साधक का जन्म मरण का रोग हमेशा -हमेशा के लिए समाप्त हो जायेगी और वो सतलोक में चला जायेगा। Like Share Comments

कोरोना से कौन बचायेगा।

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             कोवीड 19 आज कोरोना का आतंक इतना फेला हुआ है, जितना शायद कभी अनुमान भी नही लगाया गया। आज कोरोना को खत्म कारने के लिए कोई Vxcin  तैयार नही हुई। आज पूरा देश कोरोना से लड़ने के लिए वेक्सीन तैयार करने में लगा हुआ है लेकिन अभी तक इस वायरस से लड़ने के लिए वेक्सीन तैयार नही हुई है। यह बीमारी एक प्राकृतिक आपदा है जिसको संतो के द्वारा ही मिटाया जा सकता है, पहले युग मे अगर ऐसी समस्या आती थी । तब संतो के पास जाकर उसका निवारण किया जाता था। वो संत कौन है, जिसके बारे में नास्त्रेदमस, आदि की भविष्यवाणी में लिखा गया है।  https://youtu.be/qakP9CKotik  वह संत अभी जेल में है, ओर उस पर देशद्रोह का केस भी लगा हुआ है।  वो संत रामपाल जी महाराज ही है जो इस बीमारी से हमे बचा सकते है, उनके ज्ञान के आधार पर ही हमारी ये प्राकृतिक आपदाओं से छुटकारा मिल सकता है। अधिक जानकारी के लिए वीडियो देखें। Follow Like Comment

जीने की राह ।

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जीने की राह  जीने की सही दिशा क्या है आज हम जीने की दिशा भूल कर व्यर्थ के कामो में ज्यादा उलझ गए है, जिससे हमारे जीवन मे दुःखों का पहाड़ से टूट पड़ा है। हम अपने परिवार के साथ रहने के लिए भी टाइम नही निकाल पाते जिससे पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. अंत मे पारिवारिक समस्याओं से मजबूर होकर कई लोग आत्म हत्या कर लेते है जो कि गलत है। इन सभी परेशानी से निजात पाने के लिए पढ़े पुस्तक जीने_की_रह और जाने कई अनसुलझे रहस्यों को जो कि आज तक किसी ने नही बताए। पूर्ण परमात्मा कौन तथा कैसा है? कहाँ रहता है? कैसे मिलता है? किसने देखा है? किसी भी गुरु की शरण में जाने से मुक्ति संभव है या नहीं।  ये पुस्तक सभी धर्मो के शास्त्रो 📚 पर आधारित है। निवेदन :- अपना अनमोल समय में से थोड़ा सा टाइम निकालकर अवश्य पढीये..

शराब पीकर आपकी क्या दशा होगी ?

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जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई धर्म नही कोई न्यारा।।