दीपावली की हानियाँ (Diwali Nuksaan)
दीपावली की हानियाँ
हर साल कार्तिक मास की अमावस्या के दिन दीपावली यानी कि दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस बार 27 अक्टूबर रविवार को देश भर में दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। वैसे दीपावली एक दिन का पर्व नहीं बल्कि पांच दिन तक चलने वाला महापर्व है।
दीपावली की हानियाँ (Diwali Nuksaan)
फटाखों के कारण प्रदूषण फैलता हैं।
दीपकों में फिजूल तेल जलता हैं
अत्यधिक मिष्ठान और पकवान से स्वास्थ्य बिगड़ता हैं।
लाइट्स की सजावट के कारण विद्युत् उर्जा की बरबादी होती हैं।
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फिजूल पानी बहाया जाता हैं।
दिखावा के चक्कर में लोग फिजूल खर्च करते है।
जहाँ लाभ होते हैं वही हानियाँ भी होती हैं । दीपावली एक बड़ा त्यौहार हैं जो अपने साथ अपार ख़ुशी और प्रेम लेकर आता हैं पर सावधानी और विचार के साथ इसे मनाये तो यह हानि नहीं देता अपितु खुशहाली देता हैं।
नोट-:
ऐसा दिन कब आएगा जब हम रोज दीवाली मनाएंगे ओर हमारे पास किसी प्रकार का कोई दुख नही होगा। हा ये संभव है आज संत रामपाल जी महाराज जी की भक्ति करके हम रोज दिवाली मना सकते। क्योंकि संत रामपाल जी महाराज हमे सही भक्ति बताते है। कि हमे कोनसी भक्ति करनी चाहिए। जिससे आज संत रामपाल जी महाराज के शिष्य आज बहुत खुश है और उनको किसी प्रकार का कोई दुख नही है।


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